संत शिरोमणि गुरु रविदास महराज जी की 650 वी जयंती ग्राम गोंडा में बहुत हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया
गुड न्यूज छत्तीसगढ़।सारंगढ़
संत शिरोमणि गुरू रविदास महराज जी भक्ति काल के महान संत थे और गुरू रामानंद जी के शिष्य थे, उन्होंने समाज के लोगो को छुआछूत और भेदभाव को समाप्त कर समरसता का जीवन जीने का संदेश दिया।।
संत रविदास महराज जी का जन्म 1377 ई. को वाराणसी(काशी)के सीर गोवर्धनपुर नामक गांव में पिता संतोख दास और माता कलसा देवी के यहां हुआ था। उन्होंने सच्चे मन से भगवान की पूजा अर्चना करने के लिए प्रेरित किया।और समाज को *"मन चंगा तो कठौती में गंगा"* का मंत्र दिया।।
अर्थात मन साफ हो तो भगवान के दर्शन कही भी प्राप्त हो सकते है।
उपरोक्त कार्यक्रम में पूर्व जनपद सदस्य श्री सीताराम पटेल जी,मिलन साहू जी, सुरेश खटकर जी, अभिषेक साहू जी,पुनित राम चौहान, प्रमोद साहू जी,भूनाऊ राम खांडे जी,देवनाथ साहू जी,रविदास मानिकपुरी जी, मनीराम यादव जी व भारी संख्या में ग्रामीण जन व सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।।