हरिवंश पुराण कथा रामटेक में श्रीकृष्ण विवाह एवं बाणासुर प्रसंग का हुआ वर्णन
गुड न्यूज छत्तीसगढ़।सारंगढ़
ग्राम रामटेक (सारंगढ़) में आयोजित हरिवंश पुराण कथा के अंतर्गत रविवार, 29 मार्च 2026 को कथा के दौरान श्रीकृष्ण विवाह एवं बाणासुर प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण एवं ज्ञानवर्धक वर्णन किया गया। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरा वातावरण भक्ति एवं श्रद्धा से सराबोर रहा।
कथावाचक पं. बृजेश मिश्रा, ग्राम-पीथमपुर के श्रीमुख से कथा का वाचन करते हुए बताया गया कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन केवल दिव्य लीलाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि वह धर्म, नीति, करुणा, प्रेम और मर्यादा का अनुपम संदेश भी देता है। कथा में श्रीकृष्ण विवाह प्रसंग का अत्यंत सुंदर एवं भक्तिमय वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
कथा के दौरान बाणासुर प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया गया कि अहंकार, अन्याय और अधर्म का अंत निश्चित है। भगवान सदैव धर्म की रक्षा और भक्तों के कल्याण के लिए अवतार लेते हैं। इस प्रसंग के माध्यम से श्रद्धालुओं को सत्य, संयम, साहस और ईश्वर भक्ति का संदेश दिया गया।
कथा में यह भी बताया गया कि भगवान की प्रत्येक लीला मानव जीवन को सही दिशा देने वाली होती है। श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों से प्रेम, कर्तव्य, मर्यादा और धर्मपालन की प्रेरणा मिलती है। कथा पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं ने अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव से कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
इस धार्मिक आयोजन में प्रवचनकर्ता पं. मकरध्वज पटेल, ग्राम-कंवरपाली का विशेष योगदान रहा। आयोजनकर्ता श्रीमती निलेंद्रि बाई पटेल एवं स्वर्गीय श्री गीताप्रसाद पटेल के परिवार द्वारा श्रद्धालुओं के लिए सुंदर व्यवस्था की गई। यह आयोजन समस्त ग्रामवासी रामटेक (सारंगढ़) के सहयोग से संपन्न हो रहा है।
कार्यक्रम में ग्राम की सरपंच श्रीमती कौशल्या पटेल, श्री विश्वनाथ पटेल, पूर्व सरपंच श्री मालिकराम पटेल, श्री लक्ष्मण पटेल, श्री नेतराम पटेल, श्री चोखलाल पटेल, श्री रोहित पटेल, श्री बोधलाल पटेल, श्री शत्रुघ्न पटेल, श्री दिनेश पटेल , श्री भरत लाल पटेल, श्री छेड़ू साहू, श्री कानकुन पटेल, श्री खीरसागर पटेल, श्री लंबोदर पटेल, श्री हेतराम पटेल, श्री गोरेलाल पटेल, श्री जीवन पटेल, श्री घनश्याम पटेल, श्री घसियाराम पटेल, श्री कीर्ति पटेल , श्री मोतीचंद पटेल, श्री श्यामलाल पटेल, श्री लोचन पटेल, श्री तुलाराम पटेल, श्री केशव पटेल, श्री गंगाराम पटेल, श्री काशीराम पटेल, श्री प्रेमलाल पटेल, श्री जयराम पटेल, श्री मोतीराम पटेल, श्री रेशम पटेल, श्री देवकुमार पटेल, श्री रूपलाल पटेल, श्री शिवप्रसाद पटेल, श्री गिरधारी पटेल, श्री श्याम पटेल, श्री शेर सिंह पटेल, श्री सत्तार पटेल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
पूरे वातावरण में भजन, कीर्तन और जयकारों से आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता रहा। आयोजन समिति ने समस्त श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर हरिवंश पुराण कथा का श्रवण करें और धर्ममय वातावरण का लाभ उठाएं।

