हरिवंश पुराण कथा में रुक्मणी विवाह एवं शिशुपाल उपाख्यान का हुआ भावपूर्ण वर्णन
गुड न्यूज छत्तीसगढ़।सारंगढ़
ग्राम रामटेक (सारंगढ़) में आयोजित हरिवंश पुराण कथा के अंतर्गत गुरुवार, 26 मार्च 2026 को कथा के दौरान रुक्मणी विवाह एवं शिशुपाल उपाख्यान जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों का अत्यंत भावपूर्ण एवं ज्ञानवर्धक वर्णन किया गया।
इस अवसर पर ग्राम की सरपंच श्रीमती कौशल्या पटेल, श्री विश्वनाथ पटेल, पूर्व सरपंच श्री मालिकराम पटेल, श्री लक्ष्मण पटेल, श्री नेतराम पटेल, श्री चोखलाल पटेल, श्री रोहित पटेल, श्री हेतराम पटेल, श्री घसियाराम पटेल, श्री बोधलाल पटेल, श्री तुलाराम पटेल, श्री घनश्याम पटेल, श्री देवकुमार पटेल, श्री सत्तार पटेल, श्री प्रेमलाल पटेल, श्री छेदू साहू, श्री गोरेलाल पटेल, श्री गिरधारी पटेल, श्री काशीराम पटेल, श्री जयराम पटेल, श्री लोचन पटेल, श्री खीरसागर पटेल, श्री लंबोदर पटेल, श्री शिवप्रसाद पटेल, श्री मोतीचंद पटेल, श्री केशव पटेल एवं श्री गंगाराम पटेल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कथावाचक पं. बृजेश मिश्रा, ग्राम-पीथमपुर के श्रीमुख से कथा का वाचन करते हुए बताया गया कि रुक्मणी विवाह केवल एक वैवाहिक प्रसंग नहीं, बल्कि श्रद्धा, समर्पण, प्रेम और धर्म की विजय का प्रतीक है। कथा में भगवान श्रीकृष्ण एवं माता रुक्मणी के पावन विवाह प्रसंग का अत्यंत सुंदर और भक्तिमय वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर ho उठे।
कथा के दौरान शिशुपाल उपाख्यान का वर्णन करते हुए यह संदेश दिया गया कि अहंकार, द्वेष और अधर्म का अंत निश्चित है। भगवान की करुणा असीम होती है, किंतु जब मर्यादा और धर्म की सीमाओं का बार-बार उल्लंघन होता है, तब न्याय की स्थापना के लिए दैवी शक्ति का प्रकट होना आवश्यक हो जाता है।
इस अवसर पर कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, मर्यादा, सदाचार, भक्ति और जीवन मूल्यों का संदेश दिया गया। कथा पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं ने अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव से कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
इस धार्मिक आयोजन में प्रवचनकर्ता पं. मकरध्वज पटेल, ग्राम-कंवरपाली का विशेष योगदान रहा। आयोजनकर्ता श्रीमती निलेंद्रि बाई पटेल एवं स्वर्गीय श्री गीताप्रसाद पटेल के परिवार द्वारा श्रद्धालुओं के लिए सुंदर व्यवस्था की गई। यह आयोजन समस्त ग्रामवासी रामटेक (सारंगढ़) के सहयोग से संपन्न हो रहा है।
पूरे वातावरण में भजन, कीर्तन और जयकारों से आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता रहा। आयोजन समिति ने समस्त श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर हरिवंश पुराण कथा का श्रवण करें और धर्ममय वातावरण का लाभ उठाएं।
